Friday, February 18, 2022

February 18, 2022 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on February 18, 2022 with No comments | Categories: , ,
#नमन कलमरथ परिवार
दिनांक-१८/२/२०२२
विषय-अपनों का साथ जरूरी है

अपनों का साथ जरूरी है,

अपनों का साथ जरूरी है
 जाहिर जज्बात जरूरी है।

अपनों का समझो महत्व
मिलना मिलाना जरूरी है।

संबल  देते लेते हैं अपने
मिलना  संबल जरूरी है।

सुख- दुख  में जीवन के
अपनों का,साथ जरूरी है।

भागम भाग की दुनियाँ में
किंतु ठहराव भी जरूरी है।

समझे रिश्तों की अहमियत
अपनों में सौहार्द्र जरूरी है।

अपनों को अपना बना रखिए
सोचें क्या बिखराव  जरूरी है।

रिश्तों में रहे स्नेह सद् भावना
नहीं लगता टकराव जरूरी है।

लता शर्मा
जांजगीर छ ग
स्व लिखित व मौलिक रचना

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