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Friday, February 18, 2022

February 18, 2022 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
नमन मंच
कमल रथ परिवार
दिनांक-18-02-2022
विषय अपनों का साथ जरूरी है
विद्या कविता

अकेले जीना आसान नहीं है।
अपनों बिना रहना आसान नहीं है ।
अपनों के संगम करें प्रभु पूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।।

बड़ी परेशानियां अपने मिलें हैं।
पल अपनों की जरूरत होती है।
हमदर्दी से ताकत मिलती पूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।

हर्ष उल्लास सभी कार्य होते।
जब सब अपने साथ होते हैं।
अकेलापन होती मजबूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।

जीवन में अपनों से कैसी  दूरी है।
अपना ही अपने दुख में जरूरी है।
अपनों के सहारे होताअति जरूरी
अपनों   का साथ जरूरी है।।

आलिंगन का एहसास जरूरी है।
अपनी बाहों में यह सुख रसीला है।
 जख्मों को मरहम की मंजूरी है।
 अपनों का साथ जरूरी है।।।

बड़ा कठिन दुनिया में जीना है।
जीवन में परीक्षाये जरूरी है।
अपनों का सिर पर हाथ जरूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।

स्वरचित मौलिक तथा अप्रकाशित
संगीता चमोली देहरादून उत्तराखंड
ब्लॉग हेतु सहमति है

Monday, May 24, 2021

May 24, 2021 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
नमन मंच
कमल रथ परिवार
दिनांक 24-5-2021
विषय कसम
विषय कहानी

    कुछ समय पहले की बात है रामदयाल के घर में परिवारिक क्लेश के कारण वह गांव में रहना नहीं चाहता था। और उसने अपने पत्नी के साथ कसम खाई थी। हम थोड़ा थोड़ा धन बचा कर कई और मकान ले लेंगे। और इस मकान को यहां किसी को किराया पर दे देंगे।
   भगवान यह मेरी कसम प्रतिज्ञा को पूरा करना वह बहुत परेशान रहा । वह थोड़ा थोड़ा धन बचाता रहा और और जब रूपया पैसा थोड़ा जमा हो गया ।शहर में जगह-जगह मकान देखने जाता रहा 
    ।इस प्रकार से उसने अपनी हर छाएं दबाकर इच्छा दवा कर पाई-पाई जोड़कर अपने लिए शहर में मकान लिया। और खुश होकर अपनी पत्नी बच्चों के साथ में गांव छोड़ कर शहर में अपनी मकान पर आ गए ।जहां उसके बच्चों की शिक्षा के लिए परिपूर्ण साधन उपलब्ध थे। और वह अपने घर में पूर्ण रुप से स्वतंत्रता से रहने लगा ।बच्चे पत्नी सभी बड़ी खुश से और उसकी कसम भी संपूर्ण रूप से पूरी हो गई ।
   इस प्रकार से रामदयाल अपनी जीवन में कठिनाइयों को झेलकर काफी खुश था। और वह अपनी पत्नी बच्चों के साथ पहले से अब हंसी खुशी रहने लगा ।
   इस प्रकार से उसकी पत्नी ने भी अपनी कसम को पूरा करने में पति का पूरा सहयोग दिया। और अपने परिवार के साथ हंसी खुशी समय व्यतीत करने लगे गांव का मकान भी किराए पर चढ़ गया। और वह सभी ओर से खुशहो गया।           रामदयाल ने बहुत परेशानियों का सामना किया था। 
      रामदयाल अब बहुत खुश था अब मेरा बुढ़ापा तो अच्छी तरह कट जाएगा। इस प्रकार बच्चे पत्नी भी बाकी समय खुश हंसी खुशी से बिताया।
शिक्षा
हम मेहनत के बाद पर अपने सभी कसम प्रतिज्ञा को सदैव पूरा कर सकते हैं हमें इमानदारी से अपनी कमाई में से सदैव कुछ धन बचाना चाहिए।

स्वरचित मौलिक
संगीता चमोली
देहरादून उत्तराखंड

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