नमन मंच
कमल रथ परिवार
दिनांक-18-02-2022
विषय अपनों का साथ जरूरी है
विद्या कविता
अकेले जीना आसान नहीं है।
अपनों बिना रहना आसान नहीं है ।
अपनों के संगम करें प्रभु पूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।।
बड़ी परेशानियां अपने मिलें हैं।
पल अपनों की जरूरत होती है।
हमदर्दी से ताकत मिलती पूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।
हर्ष उल्लास सभी कार्य होते।
जब सब अपने साथ होते हैं।
अकेलापन होती मजबूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।
जीवन में अपनों से कैसी दूरी है।
अपना ही अपने दुख में जरूरी है।
अपनों के सहारे होताअति जरूरी
अपनों का साथ जरूरी है।।
आलिंगन का एहसास जरूरी है।
अपनी बाहों में यह सुख रसीला है।
जख्मों को मरहम की मंजूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।।।
बड़ा कठिन दुनिया में जीना है।
जीवन में परीक्षाये जरूरी है।
अपनों का सिर पर हाथ जरूरी है।
अपनों का साथ जरूरी है।
स्वरचित मौलिक तथा अप्रकाशित
संगीता चमोली देहरादून उत्तराखंड
ब्लॉग हेतु सहमति है
