नमन मंच कमल रथ
दिनांक 24/5/2021
विषय कसम
विधा कहानी
अभी तो रिंकू की शादी को महीना भी नहीं हुआ और सबके तेवर बदलने लगे।बाकी सब तो ठीक है मगर जो अजय उससे इतना प्यार करता था उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकता था आखिर क्या हुआ। बहुत देर तक सोचते हुए वह यादों में गुम हो गई पिछली बातें याद आने लगी रिंकू एक बहुत ही सुन्दर और सुशील लड़की थी उसके पिता जी का भी अपना अच्छा खासा कारोबार था। अजय से उसकी दोस्ती किसी पार्टी में हुई थी। अजय उसे देखते ही अपना दिल हार बैठा था धीरे-धीरे दोनों की मुलाकात होने लगी और बात शादी तक पहुची तो अजय के घरवालों ने जाति अलग होने पर इंकार कर दिया। फिर जब अजय ने उन्हें समझाया तो वे मान गए। रिंकू और अजय की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था बहुत खुश थे दोनों।
फिर अचानक ये क्या हुआ रिंकू ने पता लगाने की कोशिश की तो पता चला कि अजय ने उन्हें कहा था कि शादी में खूब दहेज मिलेगा ।असल में कारोबार में कुछ नुकसान के कारण रिंकू के पिता कुछ नहीं दे पाए थे।
जब ये सच्चाई रिंकू के सामने आई तो उसे वो सारी कसमें याद आ रही थी जो अजय ने शादी से पहले खाई थी कि उसकी आंखों में एक आंसू नहीं आने देगा।आज वहीं रिंकू रो रोकर अपनी जान गवाने को तैयार थी कि इन झूठी कसमों पर उसने यकीं कैसे कर लिया।
नीरू बंसल हनुमान गढ राजस्थान स्वरचित