#नमन कलम रथ साहित्य मंच
दिन -मंगलवार
तिथि -15 सितंबर 2020
विषय -संस्कार
विद्या -काव्य
हर व्यक्ति में अनेक गुण होते हैं,
जिन गुणों से वह निपुण होते हैं,
होती उनकी जय- जयकार,
यहीं हैं, हमारी संस्कृति और संस्कार।
कार्य के प्रति निष्ठावान वो होते,
अपने व्यवहार को कभी ना खोते,
जो करते हमेशा परोपकार,
हां यही तो हैं हमारे संस्कार।
मेहनत की रोटी हैं खाते,
किसी के आगे ना हांथ फैलाते,
अपने दम पर ही सब कुछ पाकर,
पहुंचते जो सफलता के द्वार,
है यहीं नैतिकता और संस्कार।
जीवन पर्यंत संघर्ष हैं करते,
सुख दु:ख में भी समतल रहते,
गुरुओं का अभिनंदन करके,
करते बड़ों का आदर सत्कार,
हां यही तो है हमारी संस्कृति और संस्कार।
#स्वरचित मौलिक
# नमन मंच
यशोधरा मेहता (प्रवक्ता)
कानपुर, उत्तर प्रदेश
