Friday, September 25, 2020

September 25, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
#नमन कलम रथ साहित्य मंच
दिन -मंगलवार 
तिथि -15 सितंबर 2020
विषय -संस्कार 
विद्या -काव्य

हर व्यक्ति में अनेक गुण होते हैं,
जिन गुणों से वह निपुण होते हैं,
होती उनकी जय- जयकार,
 यहीं हैं,  हमारी संस्कृति और संस्कार।
 कार्य के प्रति निष्ठावान वो होते,
अपने व्यवहार को कभी ना खोते,
 जो करते हमेशा परोपकार,
हां यही तो हैं हमारे संस्कार।
मेहनत की रोटी हैं खाते,
 किसी के आगे ना हांथ फैलाते,
 अपने दम पर ही सब कुछ पाकर,
 पहुंचते जो सफलता के द्वार,
 है यहीं नैतिकता और संस्कार।
जीवन पर्यंत संघर्ष हैं करते,
सुख दु:ख में भी समतल रहते,
 गुरुओं का अभिनंदन करके,
करते बड़ों का आदर सत्कार,
हां यही तो है हमारी संस्कृति और संस्कार।

#स्वरचित मौलिक
# नमन मंच 

यशोधरा मेहता (प्रवक्ता)
 कानपुर, उत्तर प्रदेश
September 25, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
नमन मंच
कलम रथ
दिनांक -१५/०९/२०२०
विषय - संस्कार
विधा - कविता
क्रमांक -१४३

मानव जीवन की सार्थकता
प्राप्त हो जब अच्छे संस्कार
दर्पण की तरह वह चमकता
संस्कार बन जाता जीवन आधार
गर्भाधान से लेकर मृत्यु पर्यंत
संस्कारों का रहता उचित स्थान
अंतहीन श्रृंखला संस्कारों की
मनुष्य के व्यक्तित्व का करता निर्माण
अच्छे बुरे संस्कारों का प्रतिफल
जीवन में होते उनके अच्छे बुरे कर्म 
माता पिता देते बीज रूपी संस्कार
पथ प्रदर्शक बन यह जोड़ते नए संस्कार
निर्मल, संतुलित एवं सुसंस्कृत हो
सृजनात्मक शक्ति से देते जीवन को आकार
बहुमूल्य ,बेशकीमती, वैशिष्ट्य संपदा बन
अमिट छाप जीवन में  छोड़ती है संस्कार।

यह मेरी मौलिक स्वरचित एवं अप्रकाशित रचना है
कामिनी सिन्हा 
पुणे

Sunday, September 20, 2020

September 20, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
नमन मंच-कलम रथ
तिथि-10/09/2020
वार-गुरुवार
विषय-पुत्र/बालक/बाल
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मेरा बेटा
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मेरा पुत्र मेरी आंखों का है तारा,
है वो मेरे जीवन का उजियारा।
तू सदा अपने जीवन में खुश रहे,
यही दुआ करता है दिल हमारा।।

तू अपना नाम रोशन करे जग में,
ये दुनिया हो तेरे हर उठते डगर में।
तू जीवन में हर इच्छित चीज पाये,
बेटा,तू समाया है मेरे हर रग-रग में।।

अनिता निधि
जमशेदपुर,झारखंड

Friday, September 11, 2020

September 11, 2020 Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह No comments Posted in , ,
नमन मंच कलम रथ🙏
दिनांक-9/9/2020
विषय -हमसफर/जीवनसाथी
विधा-तांका
(मुझे ज्यादा जाकारी तो नही मगर प्रयास कर रही हूं)

1)

जीवन साथी
तू दीपक मै बाती
तेरी  रौशनी
आलोकित करती
जीवन पथ मेरा।

2)
ओ प्रियतम
जीवन आकाश मे
चमको सदा
रहना साथ तुम
बनके चांद मेरा।

3)
चंद्र किरण 
तेरी किरणो से ही
 रहे चमकता
प्रेम की रौशनी से
सारा जीवन मेरा।

4)
छुप जाऊं जो
मै बादलों मे कभी
 बनके चांद
बदली का अंधेरा
किरणों से हर देना।

5)
ओ रे सजन
बनो  हमसफर
सारा  जीवन   
चलना साथ तुम
पकड़े हाथ मेरा।

^^^^^^^^^^^^^^@मोनिका प्रसाद

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