Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on September 20, 2020 with No comments | Categories: आ0 'अनिता शर्मा निधि' जी, पुत्र, मुक्तक
नमन मंच-कलम रथ
तिथि-10/09/2020
वार-गुरुवार
विषय-पुत्र/बालक/बाल
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मेरा बेटा
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मेरा पुत्र मेरी आंखों का है तारा,
है वो मेरे जीवन का उजियारा।
तू सदा अपने जीवन में खुश रहे,
यही दुआ करता है दिल हमारा।।
तू अपना नाम रोशन करे जग में,
ये दुनिया हो तेरे हर उठते डगर में।
तू जीवन में हर इच्छित चीज पाये,
बेटा,तू समाया है मेरे हर रग-रग में।।
अनिता निधि
जमशेदपुर,झारखंड

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