Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on May 24, 2021 with No comments | Categories: आ0 'संगीता चमोली' जी, कसम, कहानी
नमन मंच
कमल रथ परिवार
दिनांक 24-5-2021
विषय कसम
विषय कहानी
कुछ समय पहले की बात है रामदयाल के घर में परिवारिक क्लेश के कारण वह गांव में रहना नहीं चाहता था। और उसने अपने पत्नी के साथ कसम खाई थी। हम थोड़ा थोड़ा धन बचा कर कई और मकान ले लेंगे। और इस मकान को यहां किसी को किराया पर दे देंगे।
भगवान यह मेरी कसम प्रतिज्ञा को पूरा करना वह बहुत परेशान रहा । वह थोड़ा थोड़ा धन बचाता रहा और और जब रूपया पैसा थोड़ा जमा हो गया ।शहर में जगह-जगह मकान देखने जाता रहा
।इस प्रकार से उसने अपनी हर छाएं दबाकर इच्छा दवा कर पाई-पाई जोड़कर अपने लिए शहर में मकान लिया। और खुश होकर अपनी पत्नी बच्चों के साथ में गांव छोड़ कर शहर में अपनी मकान पर आ गए ।जहां उसके बच्चों की शिक्षा के लिए परिपूर्ण साधन उपलब्ध थे। और वह अपने घर में पूर्ण रुप से स्वतंत्रता से रहने लगा ।बच्चे पत्नी सभी बड़ी खुश से और उसकी कसम भी संपूर्ण रूप से पूरी हो गई ।
इस प्रकार से रामदयाल अपनी जीवन में कठिनाइयों को झेलकर काफी खुश था। और वह अपनी पत्नी बच्चों के साथ पहले से अब हंसी खुशी रहने लगा ।
इस प्रकार से उसकी पत्नी ने भी अपनी कसम को पूरा करने में पति का पूरा सहयोग दिया। और अपने परिवार के साथ हंसी खुशी समय व्यतीत करने लगे गांव का मकान भी किराए पर चढ़ गया। और वह सभी ओर से खुशहो गया। रामदयाल ने बहुत परेशानियों का सामना किया था।
रामदयाल अब बहुत खुश था अब मेरा बुढ़ापा तो अच्छी तरह कट जाएगा। इस प्रकार बच्चे पत्नी भी बाकी समय खुश हंसी खुशी से बिताया।
शिक्षा
हम मेहनत के बाद पर अपने सभी कसम प्रतिज्ञा को सदैव पूरा कर सकते हैं हमें इमानदारी से अपनी कमाई में से सदैव कुछ धन बचाना चाहिए।
स्वरचित मौलिक
संगीता चमोली
देहरादून उत्तराखंड

0 comments:
Post a Comment