Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on February 18, 2022 with No comments | Categories: आ0 'नरेन्द्र श्रीवात्री स्नेह' जी, कविता
नमन मंच
कलमरथ परिवार
कलमरथ दैनिक आयोजन 2022
दिनाँक 18/2/2022
दिन शुक्रवार
विषय अपनों का साथ जरूरी है़
विधा कविता
शीर्षक अपनों का साथ जरूरी है़
क्रमांक76
वक़्त आ गया है़ अब ऐसा ,
अपनों से दूर रहा नहीं जाता।
अकेले अब जिया नहीं जाता,
आती हैं विपदाऐं अनेक।
उस वक़्त याद आते हैं अपने
लगता तब मन में ,
जो साथ होते अपने।
गले से लिपट कर रो लेते हम।
दो शब्द सांत्वना के कोई कह देता।
गम अपना हो जाता कम।
मुसीबत में अपने ही आते हैं काम।
करते अपने एक दूजे की मदद।
हो जाते हैं पूरे सारे काम।
वक़्त बुरा हो या अच्छा।
अपनों का साथ जरूरी है़।
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित रचना। ब्लाग में अपलोड करने की अनुमति है़।
नरेन्द्र श्रीवात्री स्नेह
बालाघाट म. प्र.

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