Posted by कलमरथ हिंदी साहित्य समूह on May 24, 2021 with No comments | Categories: आ0 'रूचिका राय' जी, कसम, कहानी
नमन मंच
विषय -कसम
राधा रेखा और नेहा तीनो पक्की सहेलियां थीं, एक दूसरे के संग खेलना कूदना,पढ़ना,लिखना,बैठना उठना।
इन तीनो को एक साथ कही भी देखा जा सकता था,चाहे स्कूल हो या खेल का मैदान या फिर घर।
बस सोने के लिए ही तीनों अपने अपने घर जाती थी और अलग अलग रहती थी।
इनके माँ बाप को भी यह दोस्ती सी पसंद थी,क्योकि तीनो ही पढ़ने लिखने में अव्वल ,खेल कूद में तेज,अन्य कार्यों में होशियार और विनम्र थी।
पर एक दिन ऐसा हुआ कि इन तीनों की दोस्ती ही संकट में आ गयी।
राधा रेखा दोनो स्कूल गयी थी,नेहा बीमारी के कारण स्कूल नही जा पाई थी।स्कूल में राधा रेखा को एक प्रतियोगिता का पता चला,दोनो ने उसमें भाग लिया और एक कसम खाया की नेहा को नही बताएंगे।
मगर नेहा को किसी दूसरे से उस प्रतियोगिता का पता चल गया।उसने राधा और रेखा से उसके बारे में पूछा पर दोस्ती की कसम खाने की वजह से उसने नेहा को इसके बारे में नही बताया।
और इधर नेहा को ऐसा लग रहा था कि दोनों ने उससे धोखा किया है।
इस प्रकार बेवजह के कसम के मान रखने के चक्कर में उनकी दोस्ती टूट गयी।
जब राधा और रेखा से किसी ने पूछा कि वह नेहा से इस प्रतियोगिता के बारे में क्यों नही बताई तो उन्होंने कहा कि नेहा शारीरिक रूप से विकलांग हैं,हम उसे बता कर अफसोस में नही डालना चाहते थे या दुखित नही करना चाहते थे कि वह इस प्रतियोगिता में भाग नही ले सकती।
इस प्रकार दोस्त का मान रखने के लिए उन दोनों ने कसम को निभाया।
जब नेहा को इस बारे में पता चला तो वह फुट फुट कर रोने लगी और अपनी सहेलियों से माफी माँगने लगी।
तब रेखा और राधा ने उसको गले लगाते हुए कहा कि दोस्ती में माफी नही चलती।
स्वरचित और मौलिक
रूचिका राय

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